Monday, February 22, 2016

शायरी


तेरा ये तीरे-नीमकश दिल के लिए अजाब है,
या इसे दिल से खींच ले या दिल के पार कर।
1.तीरे-नीमकश - धनुष को आधा खींचकर चलाया हुआ तीर, जो आधा अंदर हो और आधा बाहर हो, कम खींचकर चलाए हुए धनुष का तीर, जो शरीर में पार न हो सके। 2. अजाब - यातना, पीड़ा, दुख, तकलीफ 
तेरी निगाह ने क्या कह दिया खुदा जाने,
उलट कर रख दिये बादाकाशों ने पैमाने।


1.बादाकश – शराबी 2.पैमाना- शराब का गिलास, पान-पात्र